Grievance Redressal
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24
Oct

SPSS dharna for wages continues

Our Dharna continues, with the call for a Black Diwali. We have Jean Dreze joining us from Ranchi. As the TOI reports from Patna:

 Jean Dreze, development economist who has been influential in Indian economic policymaking, has decided to observe ‘black Diwali’ in Muzaffarpur district on Thursday in protest against non- payment of wages to 3,000 and odd MNREGA workers in six blocks of the district.

NDTV has a blow-by-blow account of our dharna, placing our battle in the larger context of the talk of culling down the NREGA significantly. Here, below is an excerpt:

One of the beneficiaries of the scheme is 60-year-old Paramshila Devi. The Rs. 20,000 she has earned in the last three years, doing various jobs under NREGA, has helped her survive after her husband’s death two years ago.
Work under the Act may be increasingly hard to come by, she says, but NREGA is still an important part of her life, and that of many others here. She says, “What other work can I do? I can’t do hard labour at this age.  If it closes down, what are my options? The government has to give us work”.

We hope the state and the central governments ensure our payments are made. The NDTV article tries to provide a bipartisan view of things, but the truth of the matter is that NREGA has considerably changed the lives of many of the poor here. In our core Panchayats, we ensure 100 per cent corruption-free implementation for labour payments.

We don’t ask for extra money for our labourers, just that we be paid what is legitimately ours.

 

Women Activists of SPSS.
24
Oct

शिकायत निवारण कानून

शिकायत निवारण कानून

शिकायत निवारण कानून लाना है, भ्रष्टाचार मिटाना है!

आज पूरा देश भ्रष्टाचार से जकड़ा हुआ है. कोई भी काम बगैर रिश्वत के नहीं होता. हर किसी के पास सरकार के प्रति कोई न कोई शिकायत जरुर है जिसको सुनने वाला कोई नहीं है. हम इस दफ्तर से उस दफ्तर का चक्कर काटते रहते हैं लेकिन हमारे शिकायत का सही ढँग से और समय पर शायद ही कभी निवारण होता है. हमें एक शिकायत निवारण कानून की जरुरत है जिसके तहत हम अपनी शिकायत रख सके और उस पर समय बद्ध तरीके से कार्यवाई हो सके. इस मुद्दे को लेकर अभी बिहार में एक आन्दोलन की शुरुआत की गयी है जिसका उद्देश्य है कि बिहार में शिकायत निवारण कानून जल्द से जल्द लागू हो.

शिकायत निवारण कानून में क्या-क्या होना चाहिए?

  1. यह कानून हर नागरिक को समय बद्ध तरीके से सरकारी सुविधाएँ और उसमें आने वाली शिकायतों का निपटारा का अधिकार दे.
  2. हर सरकारी संसथान/दफ्तर/डिपार्टमेंट में एक शिकायत निवारण केंद्र की स्थापना की जाये जहाँ नागरिक विभिन्न सरकारी सुविधाओं और उसके सम्बंधित शिकायत लेकर जा सके
  3. समय पर शिकायतों का निवारण नहीं होने पर सबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगे.
  4. राज्य स्तर पर एक शिकायत निवारण कामिसन की गठन की जाये

 

कैसे आएगा ये कानून?

सरकार को यह पता है कि राज्य के हर कोने में लोगो के पास सरकारी काम-काज को लेकर लाखों शिकायत लंबित है. इसके बावजूद इसके निपटारा के लिए अभी तक कोई संस्थागत उपाय नहीं किया गया है. हम सभी लोगों को एक होकर इस कानून की मांग करने की जरुरत है ताकि सरकार पर दबाव पर सके और इस कानून को जल्द से जल्द लाया जा सके.

 

इस आन्दोलन से जुड़ने के लिए संपर्क करें:

संजय सहनी (9801232656);  संतोष ठाकुर (7739035722); विनोद पासवान(7070061272);

लखी देवी (7763963971); मदीना बेगम (9801232752)